इस्लामाबाद। अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि मौजूदा वित्त वर्ष 2019-20 में पाकिस्तान में बेरोजगारी में वृद्धि होगी। साथ ही अपनी पहले के अनुमान को दोहराते हुए कहा है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में मौजूदा वित्तीय वर्ष में महज 2.4 फीसदी की दर से वृद्धि होगी। आईएमएफ ने अपनी वर्ल्ड आउटलुक रिपोर्ट में यह अनुमान जताए। संस्था ने अर्थव्यवस्था में सुस्ती की ओर स्पष्ट संकेत करते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान में मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान बेरोजगारी की दर 6.1 फीसदी से थोड़ा बढ़कर 6.2 फीसदी हो जाएगी।

आईएमएफ ने अपने पहले के अनुमान को फिर से दोहराते हुए कहा है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था साल 2020 में महज 2.4 फीसदी की दर पर ही रहेगी। मंहगाई भी चिंताजनक 13 फीसदी के स्तर पर रहेगी। लेकिन, साथ ही कहा है कि ढांचागत सुधार के कारण आगे चलकर यह वृद्धि दर बढ़ेगी और 2023-24 में विकास दर के पांच फीसदी तक पहुंचने के आसार हैं। साथ ही मंहगाई दर भी तब तक 13 फीसदी से कम होकर पांच फीसदी पर आ जाएगी और 2024 तक चालू खाता घाटा घटकर 1.8 फीसदी रह जाएगा।

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लेकिन, कुल मिलाकर निम्न स्तर की आर्थिक वृद्धि से संकेत मिल रहा है कि पाकिस्तान में बेरोजगारी और गरीबी में लगातार बढ़ोतरी हो सकती है। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट में भी हाल में कहा गया है कि 2001 के बाद से यह पहली बार हुआ है कि पाकिस्तान में गरीबी को कम करने के प्रयासों को रोका गया है।

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