कांग्रेस ने 14 दिसंबर को भारत बचाओ रैली का आयोजन किया इस रैली में बारी-बारी से कांग्रेस के युवा नेताओं से लेकर वरिष्ठ नेता ने मोदी सरकार को जमकर घेरा. किसी ने मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ दहाड़ लगाई तो किसी ने लोकतंत्र को बचाने की दुहाई दी. लेकिन जब भाषण के लिए राहुल गांधी का नंबर आया तो उन्होंने कुछ ऐसा बोल दिया कि जिसके बाद दिल्ली से महाराष्ट्र तक सियासत गरमा गई.

दरअसल राहुल गांधी ने चीख-चीखकर कहा है कि मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं है, मेरा नाम राहुल गांधी है. राहुल के इस बयान के बाद सबसे ज्यादा कोई भड़का तो वो है शिवसेना जो इन दिनों महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार चला रही है. वैसे शिवसेना की विचारधारा कांग्रेस और एनसीपी से बहुत अलग है क्यों कि शिवसेना कट्टर हिंदुवादी के रास्ते पर चलती आई है तो वहीं कांग्रेस और एनसीपी धर्मनिरपेक्ष यानी कि सेक्यूलर में ही विश्वास रखते हैं. फिर भी शिवसेना ने सत्ता की लालशा में आकर इन दोनों पार्टीयों के साथ सरकार बना ली.

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मगर जब राहुल ने रैली के जरिए सावरकर को नीचा दिखाने की कोशिश की तो शिवसेना का गुस्सा सातवें आसमान पर आ गया है. यहां तक कि शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत इतने तमतमा गए कि उन्होंने एक बाद एक कई ट्वीट कर डाले. संजय राउत ने पहला ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘‘वीर सावरकर न सिर्फ महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश के लिए आदर्श हैं. सावरकर का नाम राष्ट्र और स्वयं के बारे में गौरव को दर्शाता है. नेहरू और गांधी की तरह सावरकर ने भी देश के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया. ऐसे प्रत्येक आदर्श को पूजनीय मानना चाहिए. इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता.”

इसके बाद राउत ने अगला ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘हम पंडित नेहरू, महात्मा गांधी को भी मानते हैं, आप वीर सावरकर का अपमान मत करो. बुद्धिमान लोगों को ज्यादा बताने की जरूरत नहीं होती.’

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तो वहीं अब संजय राउत ने कहा है कि राहुल का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है.मैं महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं से अनुरोध करता हूं कि वो सावरकर का बलिदान समझने के लिए राहुल को उनकी कुछ किताबें गिफ्ट करें.

सूत्रों के मुताबिक खबर तो ये भी है कि शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे राहुल गांधी के वीर सावरकर वाले बयान से नाराज हैं. जल्द ही शिवसेना अपनी नाराजगी कांग्रेस आलाकमान तक पहुंचाएगी कि ऐसे बयानों से बचना चाहिए जिससे महाराष्ट्र में गठबंधन को दिक्कतें आएं.

तो वहीं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी का बयान शर्मनाक है, शायद उन्हें सावरकर जी के बारे में जानकारी नहीं है. उन्हें अंडमान जेल की कोठरी में 12 साल तक यातना का सामना करना पड़ा, राहुल गांधी 12 घंटे भी नहीं कर सकते. सिर्फ अपने नाम के पीछे गांधी लगा लेने से आप गांधी नहीं बन जाते.

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बता दें कि शिवसेना लंबे समय से विनायक दामोदर सावरकर के लिए भारत रत्न की मांग करती रही है.महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए जारी घोषणापत्र में बीजेपी ने भी स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न दिलाने का वादा किया था. हालाकिं चुनाव के नतीजे आने के बाद शिवसेना ने बीजेपी से अलग होकर कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार तो बना ली लेकिन विचार धारा की लड़ाई अब भी जारी है. और यही कारण है कि शिवसेना राहुल गांधी के बयान पर भड़क गई है. खैर अब देखना ये होगा कि राहुल गांधी के सावकर वाले बयान पर उद्धव ठाकरे क्या कुछ बोलते हैं.

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