संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा के 250वें सत्र की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने सदन को नमन किया। अपने संबोधन के अंत में पीएम में कुछ ऐसा कहा कि सियासी गलियारों में उसकी चर्चा शुरू हो गई। क्योंकि महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर गहरा संसय जारी है।

दरअसल, सत्र के दौरान जब प्रधानमंत्री ने शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की तारीफ की। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमें सदन में रुकावटों के बजाय संवाद का रास्ता चुनना चाहिए, एनसीपी-बीजेडी की विशेषता है कि दोनों ने तय किया है कि वो लोग सदन के वेल में नहीं जाएंगे।’

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पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी राजनीतिक दलों को सीखना होगा कि ये नियम का पालन करने के बावजूद भी इनके विकास में कोई कमी आई है, हमारी पार्टी को भी ये सीखना चाहिए। हमें इन पार्टियों का धन्यवाद करना चाहिए। जब हम विपक्ष में थे, तो भी ये काम करते थे लेकिन इन दो पार्टियों ने इस उदाहरण को तय किया है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में जिस तरह सरकार गठन को लेकर कशमकश चल रही है, उस बीच पीएम मोदी के द्वारा एनसीपी की तारीफ करना एक संदेश देता है। बीजेपी का साथ छोड़ शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के साथ आने को तैयार है लेकिन अभी तक सरकार गठन पर कोई फाइनल तस्वीर साफ नहीं दिख रही है।

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बता दें कि आज ही शरद पवार महाराष्ट्र से दिल्ली आए हैं, सुबह उन्होंने राज्यसभा की कार्यवाही में हिस्सा लिया और शाम को वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे, जहां महाराष्ट्र में सरकार गठन पर चर्चा होगी। इससे पहले शरद पवार ने बयान दिया था कि बीजेपी-शिवसेना एक साथ चुनाव लड़े थे, उन्हें अपना रास्ता तय करना चाहिए।

पीएम ने कहा कि देश में जो लोग लेखन के शौकीन हैं कि 250 सत्रों के दौरान विचार यात्रा भी चली है। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं के बीच में चर्चा चल रही थी कि सदन एक हो या दो हो, लेकिन अनुभव कहता है कि ये सुविधा कितनी बढ़िया है। अगर निचला सदन जमीन से जुड़ा हुआ है, तो ऊपरी सदन दूर तक देख सकता है।

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