लोकसभा सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख की पार्टी AIMIM की मान्यता रद्द करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिका मंगलवार को दायर की गई जिसमें मांग की गई कि ओवैसी की पार्टी की मान्यता को रद्द किया जाए। याचिका में याचिकाकर्ता ने RP एक्ट की धारा 123 के आधार पर यह मांग की।

बता दें कि आरपी एक्ट की धारा 123 किसी भी पार्टी को धार्मिक अपील के आधार पर वोट मांगने से प्रतिबंधित करती है। याचिका में मांग की गई है कि यदि AIMIM का आधार ही सांप्रदायिक है, तो यह निष्पक्ष चुनाव को बाधित करेगी। हाईकोर्ट इस याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करेगी।

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याचिकाकर्ता ने ओवैसी की पार्टी की मान्यता को राजनीतिक आधार पर रद्द करने की मांग की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह सिर्फ मुसलमानों के मुद्दे को उठाती है और धार्मिक आधार पर वोट मांगती है। याचिकाकर्ता तिरुपति नरसिंह मुरारी ने दावा किया है कि ओवैसी की पार्टी का काम संविधान और सुप्रीम कोर्ट ने दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं है।

शिवसेना की तेलंगाना इकाई ने चुनाव आयोग के उस फैसले को भी रद्द करने की मांग की है जिसमें चुनाव आयोग ने एआईएमआईएम को तेलंगाना में राज्यस्तरीय दल का दर्जा दिया था। चुनाव आयोग ने यह दर्जा 19 जून 2014 को दिया था।

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