पुणे की 20 साल की वेदांगी कुलकर्णी साइकिल से दुनिया का चक्कर लगाने वाली सबसे तेज एशियाई बन गई हैं। वेदांगी ने रविवार को कोलकाता में तड़के साइकिल चलाकर इसके लिए जरूरी 29,000 किलोमीटर की मानक दूरी को तय किया। उन्होंने इस सफर की शुरूआत जुलाई में पर्थ से की थी और इस रिकॉर्ड को पूरा करने के लिए वह ऑस्ट्रेलिया के इस शहर में वापस जाएंगी।

वेदांगी ने पीटीआई से फोन पर बातचीत में बताया कि उन्होंने 14 देशों का सफर किया और 159 दिनों तक रोजाना लगभग 300 किलोमीटर साइकिल चलाती थीं। इस दौरान उन्हें कुछ अच्छे और बुरे अनुभव हुए। उनके पिता विवेक कुलकर्णी ने बताया दुनिया में कुछ ही लोगों ने इस मुश्किल चुनौती को पूरा किया है और उनकी बेटी दुनिया का चक्कर लगाने के मामले में सबसे तेज एशियाई हैं। ब्रिटेन की जेनी ग्राहम (38) के नाम महिलाओं के बीच सबसे कम दिनों में साइकिल से चक्कर लगाने का रिकॉर्ड है।

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जेनी ग्राहम ने इसके लिए 124 दिन का समय लिया था। यह रिकॉर्ड पिछले रिकॉर्ड से तीन सप्ताह कम था। इस अभियान को पूरा करने के दौरान वेदांगी को कई चुनौतियों को सामना करना पड़ा। कनाडा में एक भालू उनका पीछे करने लगा था। रूस में बर्फ से घिरी जगहों पर उन्होंने कई रात अकेले गुजारी तो वहीं स्पेन में चाकू की नोक पर उनसे लूटपाट हुई। ब्रिटेन के बॉउर्नेमाउथ विश्व विद्यालय की खेल प्रबंध की इस छात्रा ने बताया कि उन्होंने इसके लिए दो साल पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी।

उन्होंने साइकिल पर लगभग 80 प्रतिशत यात्रा को अकेले पूरा किया। यात्रा के दौरान उन्होंने न्यूनतम 0 से 20 डिग्री तक और अधिकतम 37 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान को झेला। इस दौरान वह ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा, आइसलैंड, पुर्तगाल, स्पेन, फ्रांस, बेल्जियम, जर्मनी, डेनमार्क, स्वीडन, फिनलैंड और रूस से होकर गुजरीं।

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