दुनियाभर में लगातार बढ़ते नकारात्मक कंटेंट को बढ़ता देख फेसबुक अपने यूर्जस के लिए लाइव स्ट्रीमिंग पर कुछ एहम बदलाव करने  जा रही है.अमेरिका में हुए न्यूजीलैंड की मस्जिद पर आतंकी हमले में 50 लोगों की मौत के बाद से ही फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग ने सोशल मीडिया फेसबुक पर फेक न्यूज और हिंसक कंटेंट की निगरानी करने पर कहा कि ऐसे कंटेंट को रोकना अकेले कंपनियों के बस की बात नहीं है। दुनियाभर की सरकारें इसमें सक्रिय भूमिका अदा कर सकती हैं। मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि सरकारों को हानिकारक कंटेंट, चुनाव से जुड़ी सामग्री, निजता और डेटा पोर्टेबिलिटी को लेकर नियम बनाने चाहिए और इन्हें लागू कराने की जिम्मेदारी रेगुलेटरों पर होनी चाहिए। जकरबर्ग ने यह राय वाशिंगटन पोस्ट में लिखे अपने आलेख में दी है।

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फेसबुक पर आरोप लगता रहा है कि वह फेक न्यूज और हिंसक कंटेंट के प्रसार पर लगाम लगाने में नाकाम रहा है। हलांकि फेसबुक ने कई बार दावा किया कि वह इस दिशा में काम कर रही है।

जकरबर्ग कहा ने कहा कि नए नियम सभी टेक कंपनियों पर समान रूप से लागू होने चाहिए। इससे हानिकारक कंटेंट को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर फैलने से रोकने में सहूलियत मिलेगी। जकरबर्ग ने कहा कि सभी टेक कंपनियों के लिए हर तिमाही में फाइनेंशियल आंकड़ों के साथ-साथ पारदर्शिता रिपोर्ट को भी जारी करना जरूरी बना दिया जाना चाहिए।

हम आपको बता दे कि फेसबुक कंपनी ऐसे लोगों को प्रतिबंधित करने पर विचार कर रही है जो फेसबुक पर नकारात्मक कंटेंट डालते है.फेसबुक सॉफ्टवेयर इंप्रूवमेंट के जरिए ऐसी तकनीक भी खोज रहा है जिससे हिंसक वीडियो और तस्वीरों के संपादित वर्जन का तुरंत पता लग सके और उन्हें शेयर या री-पोस्ट करने से रोका जा सके।

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