सब्सिडी का नाम आपने JNU विवाद के समय बहुत सुना होगा. JNU छात्र प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने बढ़ी हुई फीस को लेकर धरना किया था. छात्रों का कहना थी कि सरकार JNU को टारगेट कर रही है. साथ ही छात्रों ने बयान दिया कि सरकार सांसदों को तो लाखों की सब्सिडी देती है. तो उसे बच्चों की पढ़ाई पर सब्सिडी देने में क्या दिक्कत है. सब्सिडी यानि कि सरकार की तरफ से दी जाने वाली छूट. इसी कड़ी में संसद से एक बड़ी खबर आई है.

ताजा खबर के मुताबिक सांसदों ने अपनी सब्सिडी छोड़ दी है. जी हां संसद की कैंटीन में सांसदों को दी जाने वाली सब्सिडी को अब खत्म कर दिया गया है. बता दें कि सांसद होने के नाते उन्हें मिलने वाले खाने में छूट मिलती थी. जिसे अब खत्म कर दिया गया है. यहां संसद की कैंटिन में 2017-18 तक चिकन करी 50 रुपये, प्लेन डोसा 12रुपये, वेज थाली 35 रुपये और थ्री कोर्स लंच 106 रुपये में दिया जाता था. यानि कि सांसदों को संसद में बहुत कम कीमतों पर बेहतरीन खाना प्रोवाइड किया जाता था.  बता दें कि पिछली लोकसभा में कैंटीन के खाने के दाम घटाए गए थे जिससे सब्सिडी बिल कम हो गया था. लेकिन अब इस सब्सिडी को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है.

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हालांकि ये फैसला अधिकतर पार्टियों की सहमति से लिया गया है. दरअसल संसद की कैंटीन में मिलनेवाली सब्सिडी कई बार विवादों का हिस्सा रही है. बीते दिनों संसद की कैंटीन की रेट लिस्ट भी वायरल हुई थी. सब्सिडी के तहत देश के सांसदों के संसद की कैंटीन में खाना काफी कम दाम पर मिलता था. लेकिन अब इसमें बदलाव कर इस सब्सिडी को खत्म कर दिया गया है. यानी कि अब संसद की कैंटीन में खाने की लागत के हिसाब से ही सांसदों को पैसा देना होगा. जिसके जरिए सरकार सालाना 17 करोड़ रूपए की बचत कर सकेगी.

 

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