हालहीं में राहुल गांधी विदेशी दौरे पर गए थे जहां उन्होंने बीजेपी पर जमकर हमला बोला तो वहीं आरएसएस की तुलना मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे आतंकी संगठन से कर बैठे। लेकिन जहां विदेशों में राहुल आरएसएस  की नीतियों का विरोध कर रहे थे तो वहीं भारत में कांग्रेस के ही सहयोगी सेवादल अपने प्रेसनोट में आरएसएस की तारीफ के कसीदे पढ रहे थे। मध्यप्रदेश के अखिल भारतीय कांग्रेस समिति का सहयोगी सोवादल एक शिविर का आयोजन करने जा रहा है। इसके लिए प्रेस कांफ्रेन्स रखी गई जिसके बाद प्रेसनोट बांटे गए। प्रेसनोट में आरएसएस की जमकर तारीफ की गई। जिसमें आरएसएस को फौजी अनुशासन वाला संगठन बताया है तो वहीं संघ के संस्थापक डॉक्टर हेडगेवार को देशभक्त भी बताया है।

जरुर पढ़ें:  उत्पीड़न से तंग आकर महिला ने काट डाला प्राइवेट पार्ट
RSS

ये तारीफ का सिलसिला यहीं नहीं रुका। सेवादल के जारी बयान में डा. हेडगेवार की खुलकर तारीफ की गई। प्रेसनोट में डॉक्टर हेडगेवार के 1921 के असहयोग आंदोलन में हिस्सा लेने और जेल जाने का जिक्र भी किया गया है। इसके साथ ही 1928 में साइमन कमीशन के भारत आने के समय आरएसएस के आंदोलन का जिक्र है। सेवादल की माने तो आरएसएस ने देश की आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया था।

Pressnote release by sewadal

वहीं राहुल ने  विदेशी दौरे पर  देश बांटने और देश में नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए आरएसएस की खूब आलोचना की थी। मामला बढने पर जब कांग्रेसियों से जवाब मांगा गया तो उनकी बोलती बंद हो गई और उन्होने इसे प्रिंटिंग एरर बता दिया। हालाकि इसके तुरंत बाद ही कांगेस को लगा कि वो इस मसले पर फसती दिख ऱही है जिसके बाद ही उन्होंने अपना बयान बदल लिया और कहा कि ये आरएसएस की साजिश है। एक तरफ राहुल गांधी कन्फ्यूज है कि आऱएसएस की तारीफ करें या बुराई और दूसरी तरफ उनकी पार्टी। तो सवाल ये कि आने वाले चुनाव में कन्फयूज कांग्रेस कैसे बीजेपी  का सामने कर पाएगी ?

Loading...