शिवम दुबे क्रिकेट की दुनिया का नया नाम. जिनका सिलेक्शन भारत बांग्लादेश के बीच होने वाली टी-20 सीरीज के लिए हुआ है लेकिन 27 साल के शिवम का टीम इंडिया तक का ये सफर इतना आसान नहीं था. इस सफर में शिवम की मेहनत के साथ साथ उनके पिता का जुनून भी शामिल था.

क्रिकेट खेलने का सपना सिर्फ शिवम का ही नहीं बल्कि उनके पिता राजेश दूबे का भी था. कहानी बेहद दिलचस्प है. जब शिवम चार साल के थे तो उसके हुनर को सबसे पहले उनके यहां काम करने वाले नौकर ने पहचाना था. उस नौकर ने ही शिवम के पिता को बताया कि उनका बेटा शानदार क्रिकेट खेलता है. शिवम के पिता राजेश ने भी उनकी बात को इग्नोर नहीं किया और तब से ही सातवीं पास राजेश पर शिवम को क्रिकेटर बनाने का जुनून सवार हो गया.

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पिता के सपने को पूरा करन  के लिए शिवम ने भी पूरा मेहनत करनी शुरू कर दी. 10वीं पास शिवम ने क्रिकेट को ही सब कुछ मान लिया. पापा ने घर में शिवम के लिए विकेट तैयार किया. जहां दोनों  सुबह-शाम घंटों प्रक्टिस करते. पापा बॉलिंग करते और शिवम बैटिंग. प्रैक्टिस टाइम में राजेश रोज शिवम को 500 बॉल फेंकते थे और यही प्रैक्टिस करीब दस साल तक चली. राजेश ही शिवम की मालिश करते और डाइट प्लान तैयार करते. ग्राउंड में जब शिवम दौड़ते तो बेटे के साथ पापा भी दौड़ते थे.

शिवम को टीम इंडिया के लिए खेलता हुआ देखने के लिए राजेश ने अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया. राजेश का जींस का कारोबार बिक गया. लेकिन उनके हौंसले अभी भी बुलंद थे. शिवम का मां भी पति-बेटे के इस सपने को अपना सपना मान बैठी थी.

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इस बात को खुद शिवम बताते है कि उनके पापा ने उन्हें सफल बनाने के लिए सब कुछ कुर्बान कर दिया, दिन-रात एक कर दिया.

नतीजतन शिवम को भारत-ए टीम में अपने शानदार प्रदर्शन के बूते पहली बार भारतीय टीम में चुना गया है. शिवम ने 16 साल से सक्रिय क्रिकेट खेलना शुरू किया था. 2015-16 में मुंबई के लिए रणजी खेले  जिसमें उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया. पूरे टूर्नामेंट में करीब एक हजार रन बनाए. इस पर्फॉमेंस के आधार पर 2017-18 में आइपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर ने उन्हें पांच करोड़ में खरीदा था और आज से करीब चार महीने पहले इंडिया-ए टीम में उनका चयन हुआ था. राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी बेंगलुरु के मुख्य कोच पूर्व क्रेकेटर राहुल द्रविड ने शिवम को क्रिकेट के गुर सिखाए और शिवम का क्रिकेट पहले से भी ज्यादा इम्प्रूव हो गया. इंडिया ए टीम में उनके शानदार प्रदर्शन के दम पर उनका सिलेक्शन सीधा टीम इंडिया के लिए हो गया.

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तो ऐसे शिवम ने अपने सपने के साथ साथ अपने पिता के सपने को भी पूरा कर दिया जिसमें शिवम और उनके पिता राजेश ने भी बराबर मेहनत की तो अब सबकी निगाहें शिवमपर होंगी जब वो टीम इंडिया के लिए बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरेंगे.

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