हर इंसान के अपने सपने होते हैं, कुछ करने के, कुछ पाने के। कुछ बड़े होते हैं, तो कुछ छोटे और कुछ ऐसे होते हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए सिर्फ एक ही चीज़ की ज़रुरत होती है, जो आज हर किसी की ज़रुरत बनी हुई है। और वो है पैसा, जिसके बिना आज ना तो इंसान कुछ खा सकता है और ना ही लोगों का हो सकता है। लेकिन पैसों से सपने खरीदना एक चाय वाले के लिए कितना मुश्किल होगा, ये तो आप समझ सकते हैं, लेकिन कहते हैं ना कि दिल में अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो और मंजिल को पाने की लगन हो तो, इंसान जो चाहता है, वो पा ही लेता है। ऐसा ही 65 साल के विजयन ने किया। ये बेचते तो चाय है, लेकिन 17 देशों की यात्रा कर चुके हैं, वो भी अकेले नहीं, अपनी पत्नी के साथ।

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kerela tea seller vijyan and his wife

जी हां, विजयन ने ये साबित किया है, कि छोटी-छोटी खुशियों को इकट्टा कर बड़ी खुशी मनाई जा सकती है। विजयन ने अपनी चाय की दुकान से घर भी चलाया और बचत भी की और फिर अपनी पत्नी के साथ 17 देशों की यात्रा भी कर ली। जहां एक मीडल क्लास फैमिली के लोग अपने खर्चे में से पैसा बचाकर कही घूम नहीं पाते, वही 65 साल के विजयन ने 300 रुपए की बचत कर 17 देश घूम लिए हैं। आप सोच रहे होंगे, कि विजयन की दुकान मशहूर होगी, या किसी होटल में होगी, जो बेहद ही चर्चा में होगी। तो बता दें, कि ऐसा बिलकुल नहीं है। विजयन की दुकान आम दुकानों की तरह ही थी और वो हर दिन का 300 रुपए बचाया करता था और पैसे बचाकर वो ट्रिप पर जाया करता था।

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बता दें, कि विजयन केरल के एर्नाकुलम के रहने वाले हैं और जब वे हर दिन का 300 रुपए जमा कर लेते थे, तो उसके बाद बैंक जाकर लोन लिया करते थे। यानी वो इतना पैसा जमा करते कि बैंक उन्हें लोन दे सकें और उसके बाद वो निकल जाते अपनी यात्रा करने के लिए और वापस आकर बैंक का लोन चुका दिया करते थे। इसी तरह से वो अपनी 17 यात्राएं पूरी कर चुके हैं। विजयन के इस जज्बे और तरीके को देखते हुए, हरि एम मोहन ने एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाई, जिसका नाम है ‘इनविजिबल विंग्स’। हरि एक कहते हैं, कि मैं चाहता हूं, कि लोग इस डॉक्यमेंट्री को देखें और अपने सोए हुए सपनों को जगाएं,

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विजयन का कहना है, कि उन्हें घूमने की प्रेरणा अपने पिता से मिली है, वे उन्हें बचपन में घुमाया करते थे। लेकिन पिता की मौत के बाद परिवार का सारा बोझ उनके कंधो पर आ गया और रोजाना चाय बेचकर अपनी बचत से ही अपने सपनों को पूरा करने का फैसला ले लिया। आपको ये जानकर हैरानी होगी, कि विजयन बैंक से लोन लेकर घूमने में अभी तक कोई परेशानी नहीं आई है और वो ऐसे घूमने का सिलसिला करीब 30 सालों से कर रहे हैं और अब तक वो और उनकी पत्नी अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, सिंगापुर, वेनिस, संयुक्त अरब अमीरात और मिस्र समेत कई देशों में घूम कर आ चुके हैं।

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