वैलेंटाइन डे 2019 को आने में सिर्फ कुछ ही दिन बाकी है. प्यार को समर्पित फरवरी के महीने में कपल्स 14 फरवरी का बेसब्री के साथ इंतजार करते हैं. इस दिन कोई प्रेमी जोड़े एक दूसरे को प्यार का एहसास दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ते. इस दिन दो प्यार करने वाले एक दूसरे को गिफ्ट देते हैं, ग्रीटिंग्स देते हैं, साथ में कई वादे भी करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर 14 फरवरी को हर साल वैलेंटाइन डे क्यों मनाया जाता है. जानिए क्या है इससे जुड़ी.

वैलेंटाइन को लेकर कहा जाता है कि इसकी शुरूआत संत वेलेंटाइन ने की थी जिनके नाम पर ही ‘वेलेंटाइंस डे’ नाम रखा गया है. दरअसल तीसरी सदी में रोम में क्लॉडियस नाम का एक शासक था. किंग क्लॉडियस थोड़ा अलग सोच का व्यक्ति था, उसका मानना था कि अगर पुरुष महिला के साथ शादी करते हैं तो इससे उनके भीतर का दिमाग खत्म हो जाता है. इसी के चलते राजा का फरमान था कि उसके देश का कोई सैनिक या अधिकारी किसी भी महिला के साथ शादी के बंधन में नहीं बंध सकता है.

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राजा के देश में रहने वाले संत वैलेंटाइन को यह बात नगवार गुजरी और उन्होंने इसका विरोध करते हुए लोगों को शादी करने के लिए प्रेरित किया. संत वैलेंटाइन के कड़े प्रयासों के बाद राजा के कई सैनिकों और अधिकारियों ने शादी कर ली. इस बात से क्रोधित राजा ने क्रूरता का प्रमाण साबित करते हुए संत वैलेंटाइन को फांसी पर चढ़ा दिया. इसी के बाद से पूरी दुनिया में संत वैलेंटाइन को याद करते हुए प्यार का दिन यानी वैलेंटाइन डे को धूमधाम से मनाया जाता है. बता दें कि संत वैलेंटाइन की इस कहानी का जिक्र सन् 1260 में संकलित किताब ‘ऑरिया ऑफ जैकोबस डी वॉराजिन’ में किया गया है.

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