मिस्र की एक एक्ट्रेस ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि एक ड्रेस की वजह से उसे 5 साल की जेल की सजा हो सकती है. जी हां! आपको ये जानकर हैरानी हो होगी लेकिन ये बात बिल्कुल सच है. बता दें कि ये पूरा मामला मिस्र की एक्ट्रेस ‘रानिया युसूफ’ का है. ‘काहिरा फिल्म फेस्टिवल’ में रानिया ने ब्लैक कलर की एक ऐसी ड्रेस पहनी, जिसमें उनके पैर दिखाई दे रहे थे. तो बस और क्या था, इसी बात से वहां के लोग नाराज हो गए और वहां के कानून के मुताबिक उन्हें सजा के तौर पर 5 साल की जेल हो गई.

आपको बता दें कि अफ्रीकी देशों में अबी भी महिलाओं को बाकी पश्चिमी देशों के जैसे खुली आजादी नहीं मिली है. यहां पर महिलाओं को इस तरह के रिवीलिंग कपड़े पहनने की आजादी नहीं है. लेकिन ‘काहिरा फिल्म फेस्टिवल’ में रानिया युसूफ रेड कार्पेट पर ओपन नेट वाली ड्रेस पहन कर आ गई, जिसमें उनके पैर साफ-साफ दिखाई दे रहे थे. देखिए रानिया की चमकीली क्रिस क्रॉस पैटर्न वाली इस ड्रेस, जिस पर उन्होंने बो बेल्ट कैरी किया हुआ था.

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बता दें कि इस एक्ट्रेस पर ‘भड़काऊ’ ड्रेस पहनने के लिए सार्वजनिक रूप से अश्लीलता फैलाना का आरोप लगाया गया है. आरोप साबित होने पर 44 साल की एक्ट्रेस को 5 साल तक की जेल की सजा हो सकती है. जिसके लिए रानिया को 12 जनवरी को ट्रायल के लिए बुलाया गया है.

जैसा कि सभी जानते हैं कि इजिप्ट रूढ़िवादी विचारों का देश है, जहां आए दिन खुले विचार को लेकर विवाद होता रहता है. इस मामले में वकीलों के एक समूह ने चीफ प्रोसेक्यूटर से शिकायत की थी. लेकिन, कई लोगों ने कहा है कि ऐक्ट्रेस को ये चुनने की आजादी होनी चाहिए कि वो क्या पहने और क्या नहीं. हालांकि, एक्ट्रेस ने इस मामले में माफी भी मांग ली है. उन्होंने कहा कि अगर मालूम होता कि इस पर इतना विवाद होगा तो वो ये ड्रेस कभी नहीं पहनती.

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आपको बता दें कि ये कोई पहला मामला नहीं हैं, इससे पहले भी पिछले साल मिस्र की एक अदालत ने सिंगर ‘शाइमा अहमद’ को केला खाते हुए अंडरवियर वाले एक म्यूजिक वीडियो के चलते दो साल की सजा सुनाई थी. जिसे बाद में एक साल कर दिया गया. इसके बाद जनवरी में एक और सिंगर ‘लैला आमेर’ के खिलाफ भड़काऊ म्यूजिकल डांस के चलते मुकदमा दर्ज किया गया था.

बता दें कि अरब देशों ने दशकों बाद सेकुलरिज्म को अपनाया है और धार्मिक कुंठाओं से मुक्ति पाई है, लेकिन इसके बावजुद भी इन देशों के हालात अभी तक नहीं सुधरे हैं. क्या महिलाओं को अपने कपड़े चुनने की आजादी नहीं होनी चाहिए? इस खबर पर आपकी क्या राय है ये हमें कमेंट कर के जरूर बताए.

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