सर्दी से बचने के लिए हम तमाम उपाय करते हैं. स्वेटर, मफलर, दस्ताने, जैकेट और रूम हीटर जैसे कई सहारे लेने के बावजूद ठंड से पूरी तरह बच नहीं पाते, उल्टा गर्म कपड़े पहनकर मोटे अलग से दिखने लगते हैं. वहीं, पूरे घर को गर्म रखने में बिजली अलग से बर्बाद होती है. वहीं कगर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और बर्फ बारी वाले इलाको की बात करें तो वहां के लोगों को जादा परेशानी झेलनी पड़ती है. जिससे बचने के लिए वो लोगो अपने लंबे-लंबे कपड़ो के अंदर अंगीठी जला कर रखते है. लेकिन सोचिए, कैसा हो अगर आपके सामान्य कपड़े ही आपके शरीर को पूरी तरह से गर्म रखने में सक्षम हो सकें. जी हां, विज्ञान की मदद से अब यह भी संभव हो सकेगा.

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दरअसल, वैज्ञानिकों ने बैट्री से चलने वाला एक ऐसा खास पैच यानी पट्टी तैयार करने में सफलता हासिल की है, जिसे कपड़ों पर सिला जा सकेगा और इसकी मदद से शरीर गर्म रह सकेगा. इसे तैयार करने वालों में एक भारतीय मूल के वैज्ञानिक भी शामिल हैं. बता दें, ब्रिटेन की रटगर्स यूनिवर्सिटी और औरिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पॉलिस्टर के साथ छोटे चांदी के तारों को फ्यूज करने के लिए प्रकाश के तीव्र तरंगों का प्रयोग किया है. शोधकर्ताओं का कहना है कि इस प्रणाली से तैयार शरीर को गर्म रखने वाली ये पट्टी बेहद किफायती भी है.

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इस खोज के बारे में साइंटिफिक रिपोर्ट्स नाम के जर्नल में लिखा गया है. इसमें बताया गया है कि शोधकर्ता पहले भी इस प्रकार की पट्टियां तैयार कर चुके हैं, लेकिन यह नई पट्टी उनकी तुलना में न केवल सस्ती है बल्कि अधिक कारगर भी है. शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस पट्टी की शरीर को गर्म रखने की क्षमता पहले तैयार की गई पट्टियों के मुकाबले में 70 फीसद ज़दा है.

एक अनुमान के मुताबिक,वैश्विक ऊर्जा का सैंतालीस फीसद हिस्सा इमारतों और घरों को गर्म रखने में खर्च होता है, जिसमें से बयालीस फीसद ऊर्जा घरों की खाली जगहों और चीजों को गर्म रखने में बर्बाद हो जाती है. लेकिन इस प्रणाली के जरिये बर्बाद होने वाली इस ऊर्जा को बचाया जा सकता है.

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तो अब आपको भी सर्दियों में पूरी इमारत या घर को गर्म रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी. केवल शरीर को गर्म रखने से काम चल जाएगा, और साथ ही इससे ऊर्जा की भी बचत होगी.

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