हालही में, पंजाब के अमृतसर में दर्दनाक ट्रेन हादसा हुआ जिसमें में लगभग 59 लोगों की जान चली गई और 140 से ज्यादा लोग घायल हो गए. जिसे लेकर पूरा देश सदमे में है. हालाकि इस हादसे के बाद प्रशासन ने इसके जांच के आदेश दे दिए हैं कि आखिर किस वजह से ये हादसा हुआ.

लेकिन कुछ लोग हर घटना पर राजनीति रंग चढाते हैं और धर्म की पडंताई करना उनका पेंशन होता है. हादसा बीत गया है और कुछ लोगों ने इस हादसे को धर्म से जोड़ना भी शुरु कर दिया है. क्यों इस इस घटना से जुड़ी सोशल मीडिया पर अलग- अलग रंग देने वाली तस्वीरें जमकर वायरल हो रही हैं.

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तस्वीरों में रेल ड्राइवर को धर्म से जोड़कर पेश किया जा रहा है. तस्वीरो में दावा किया जा रहा है कि जो ट्रेन चला रहा था वो ड्राइवर मुसलमान था. इसलिए उसने ट्रेन को नहीं रोका हद तो तब पार हो गई कि जब कुछ धर्म के बटबारों ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 250 से अधिक मौतों वाले अमृतसर के हादसे में ट्रेन ड्राइवर इम्तियाज़ खान था.आगे लिखा कि बाकी आप समझदार हैं, ये हादसा नहीं योजनाबद्ध कत्लेआम है. और भी कई ऐसे पोस्ट है जिनमें ट्रेन ड्राइवर को मुसलमान बताया जा रहा है.

जब हमने ट्रेन ड्राइवर को मुसलमान बताने वाली इन पोस्टो को देखा तो हमने इसकी पड़ताल की. तो हमें ANI न्यूज़ एजेंसी के ट्वीटर हैंडल से एक ट्वीट मिला जिसमें रेल ड्राइवर का लिखा हुआ पत्र है. जिसमें उसने अपना नाम अरविंद कुमार लिखा है. और ये पत्र तब का जब ये रेल दुर्घटना हुई. जिसमें रेल ड्राइवर ने हादसे वाली रात की पूरी कहानी को बयां किया है.

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इसलिए इस दर्दनाक हादसे को धर्म के साथ जोड़ना और ट्रेन ड्राइवर को मुसलमान बताने वाले दावे एक फर्जा साबित हुए हैं. साथ ही इस ट्रेन ड्राइवर से जुड़ी एक और सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें एक पुल से फंदे पर लटके शख्स को ट्रेन का ड्राइवर बताया जा रहा है. साथ ही सोशल मीडिया पर ट्रेन ड्राइवर का एक सुसाइड नोट भी पेश किया जा रहा है.

इस वायरल पोस्ट की पड़ताल में पता चला कि सोशल मीडिया पर जिस व्यक्ति को ट्रेन ड्राइवर बताया जा रहा है, वो भी पंजाब का ही रहने वाला है और उसने 20 अक्टूबर को आत्महत्या कर ली थी.

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और जिसे सुसाइड नोट बताया गया है वो रेल ड्राइवर का लिखा हुआ पत्र है. जिसमें उसने हादसे वाली रात की पूरी कहानी को बयां किया है. इसलिए पड़ताल मे ये भी खबर फर्जी साबित हुई है.

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