इन दिनों खबरों में ब्लू व्हेल के गेम खूब चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां देखो वहा ब्लू व्हेल की वजह से सुसाइड की खबरे, मैसेज और वीडियोज़ वायरल हो रहे हैं। अभी कुछ दिनों पहले ही मनप्रीत नाम के लडके ने अपनी छत से छलांग लगा दी थी, जिसका कारण ब्लू व्हेल गेम था। मध्यप्रदेश के इंदौर से भी ऐसी ही खबर आई, जहां एक लड़के ने ये गेम खेलते वक्त सुसाइड की कोशिश की। मनप्रीत ने तो खुद मैसेज में भी इस बात का जिक्र किया था। लेकिन इस गेम को लेकर अब कई तरह की अफवाहें भी उड़ रही हैं। इंटरनेट पर बताया जा रहा है, कि ये गेम बच्चों के दिमाग को वश में कर लेता है और मेंटली गुलाम बना देता है। बताया ये भी जा रहा है, कि मनप्रीम भी ब्लू व्हेल गेम का गुलाम बन गया था। इसलिए उसने सुसाइड किया। वहीं कुछ लोग इस दावे को झूठ बता रहे हैं। तो सच क्या है? इसकी पड़ताल की trendingviralpost.com ने जिसमें चौंकाने वाला सच सामने आया है।

ब्लू व्हेल गेम खेलते हुए सुसाइड करने वाला मनप्रीत

आपको बता दें, कि मुंबई में 14 साल का बच्चा मनप्रीत काफी समय से ब्लू व्हेल गेम खेल रहा था, मनप्रीत गेम के लास्ट राउंड में ही था और गेम तक पहुंचने के लिए उसका मरना ज़रुरी था। इसलिए मनप्रीत ने बिना कुछ सोचे समझे अपनी छत से छलांग लगा ली और अपनी जान गंवा दी। अपनी ही छत से कूदने से पहले मनप्रीत ने अपने मोबाइल से लास्ट फोटो खींचकर एक मैसेज भेजा जिसमें लिखा था, जल्दी ही तुम्हारे पास मेेरी आखिरी फोटो रह जाएगी। लेकिन आखिर ऐसा क्या था इस गेम में जो मनप्रीत अपनी जान तक देने के लिए उतर आया, जिसके लिए ये जानना पहले ज़रुरी है, कि आखिर क्या है ये ब्लू व्हेल गेम?

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ब्लू व्हेल गेम

ब्लू व्हेल चैलेंज की शुरुआत साल 2013 में सबसे पहले रशिया में हुई थी। इस ऑन लाइन डेथ गेम को बनाने वाले शख्स का नाम ईया सिदोरोव है। ये एक तरह का प्लान्ड गेम है, यानि ये गेम का हिस्सा बनने वाले बच्चों की हर हरकत पर पैनी नजर रखता है। यूं ही कोई इस गेम का हिस्सा नहीं बन सकता। इस गेम को चलाने वाले लोग तय करते हैं, कि ब्लू व्हेल कौन खेलेगा।

‘blue whale game’ Demo pic

सीक्रेट ग्रुप में खेले जाने वाले इस गेम का इन्विटेशन बच्चों को Facebook, Instagram, Twitter, Whats App जैसे प्लेटफॉर्म पर मिलता है। इस गेम के कुल 50 पड़ाव होते हैं, जिसे 50 दिनों में पूरा करना होता है। यानि हर रोज एक नया चैलेंज। चैलेंज पूरा करने पर सबूत के तौर पर तस्वीर गेम के एडमिन को ग्रुप पर भेजनी होती है। अब तक इस गेम से 16 बच्चों की आत्महत्या की खबरें आ चुकी है। लेकिन भारत में मनप्रीत के तौर पर ये पहला मामला है।

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क्या सच में ब्लू व्लेह गेम ले रहा है बच्चों की जान?

जी हां, जब trendingviralpost.com ने पड़ताल की तो इसका सच सामने आया, कि ब्लू व्हेल गेम सच में बच्चों की जान ले रहा है। क्योंकि ये खेल बच्चों के दिमाग पर इतना हावी हो जाता है, कि वो खेलने से पीछे नहीं हटते और जो गेम में कहा जाता है वो करने के लिए तैयार रहते हैं। आपको बता दें, कि ब्लू व्हेल गेम पहले बच्चों ऐसे बच्चों को ढूंढता है जिनके ज्यादा दोस्त नहीं होते और वो अपने माता-पिता से भी कम बात करते हैं। ऐसे बच्चों की प्रोफाइल पर जासूसी करके इस गेम का उन्हें हिस्सा बनाया जाता है। 50 दिन तक चलने वाले इस खेल में बच्चों के लिए चार चीजें होती है। पहला उन्हें हॉरर वीडियोज दिखाकर और बार-बार ऊंची इमारतों पर भेजकर उनके भीतर के डर को खत्म कर दिया जाता है।

demo pic

दूसरा, 50 दिन तक उन्हें बार-बार खुद को चोट पहुंचाने का चैलेंज दिया जाता है। जिससे अपने हाथ से अपने शरीर को तकलीफ पहुंचाने का दर्द मिट जाए और उन्हें धीरे-धीरे मौत की तरफ धकेला जा सके। तीसरा, ब्लू व्हेल गेम पूरे-पूरे दिन किसी से बात ना करने को कहा जाता है। इसके पीछे मकसद है, कि बच्चे को दुनिया से काटकर अलग कर दिया जाए और उसके आसपास सिर्फ ब्लू व्हेल गेम की दुनिया बना दी जाती है। चौथा, एक खास तरह का संगीत बच्चों को सुनने के लिए दिया जाता है। यानि बच्चों को ये संगीत सुनाकर उन्हें एक तरह से सम्मोहित करने का मकसद होता है।

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जब 50 दिन में ये चार चीजें पूरी हो जाती हैं तो बच्चे के अंदर मौत का डर मिट चुका होता है वो अकेला हो चुका है और वो हर कदम उठाने को तैयार होता है जो गेम में करने को कहा जाता है। वो कर देता है। जिस वजह से बच्चे खुद का आपा खो बैठते हैं और ब्लू व्हेल गेम का शिकार बन जाते हैं। अब तक 16 बच्चो की मौत हो जाने पर ईया सिदोरोव को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि अपने इस डेथ गेम के जरिए बच्चो का आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर चुका है।

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