क्रिकेट की दुनिया में आये दिन रिकार्ड्स बनते और टूटते रहते हैं। कोई बॉलिंग में विकेट्स लेने का रिकॉर्ड बनाता है तो कोई बैटिंग से शतकों का रिकॉर्ड बनाता है। लेकिन कुछ ऐसे आलराउंडर्स खिलाड़ी भी होते हैं, जिन्होंने बैटिंग के साथ-साथ बॉलिंग में रिकार्ड्स दर्ज किये हैं। ऐसे रिकार्ड्स जो कि शायद ही कोई और खिलाड़ी बना पाए।

याद करें, 1983 का वर्ल्ड कप, लोगों का हुज़ूम, मैच जीतने या फिर हारने की चिंता, इन सभी के बीच एक ऐसे शख्स ने एंट्री ली जिसको देख विरोधी खिलाड़ियों के पसीने छूटने लगे। जिनके आते ही विरोधी खिलाड़ी नए रणनीति बनाने लगते थे। ऐसा शख्स जिसने अपने पूरे क्रिकेट करियर में एक भी गलत बॉल नहीं डाला।

Cricket pitch

जी हाँ, हम बात कर रहें हैं, हरियाणा के हरिकेन के नाम से जाने जाने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव की। कपिल देव जिन्होंने भारत को साल 1983 में क्रिकेट का पहला वर्ल्ड कप दिलवाया था। सैकड़ों रिकार्ड्स अपने नाम दर्ज करने वाले कपिल देव एक आलराउंडर के रूप में भारतीय क्रिकेट टीम में खेलते थे। अपनी आक्रमक बैटिंग से वो बॉलर्स के पसीने छुड़ा देते थे। कपिल देव को आज भी उनके ज़िम्बावे के खिलाफ खेली गयी पारी के लिए याद किया जाता है। उन्होंने 138 गेंदों में 175 रन के टारगेट स्कोर को पूरा करते हुए भारत को अविश्वश्नीय जीत दिलवाई थी।

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Kapil Dev

कपिल देव का करियर 16 सालों का रहा। जिनमें उन्होंने कई रिकार्ड्स पर अपने नाम किये। इन्हीं रिकॉर्डस की श्रृंखला में उन्होंने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया है जो कि बड़े-बड़े खिलाड़ियों के बस की बात नहीं है। जी हाँ, कपिल देव ने अपने पूरे करियर में एक भी नो बॉल नहीं किया है। ऑलराउंडर कपिल देव की बॉलिंग इतनी परफेक्ट हुआ करती थी, कि लोग उन्हें बैट्समैन से कम, बॉलर के नाम से ज़्यादा जानते थे।

Kapil Dev Bowling

आपको बता दें, कि कपिल देव भारतीय क्रिकेट टीम के एक फ़ास्ट बॉलर थे। उनके बॉलिंग स्टाइल कि तारीफ़ तो पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी वसीम अकरम भी करते थे। कपिल देव एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने क्रिकेट के टेस्ट मैचों में 5000 से ज़्यादा रन्स बनाए हैं, और साथ ही साथ 400 से अधिक विकेट्स लेने का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करवाया है। अपने पूरे करियर में उन्होंने 131 टेस्ट मैच और 225 ODI’S (one day internationals) खेले हैं जिनमें उन्होंने 5,248 और 3,783 रन्स बनाये थे। इसके साथ उन्होंने टेस्ट मैचों में 434 और ODI’S में 253 विकेट्स लिए हैं।

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kapil Dev Bowing for India

कपिल देव को साल 1980 में अर्जुन अवार्ड, साल 1982 में पद्मश्री, साल 1991 में पद्म भूषण जैसे कई अवार्ड्स से नवाज़ा गया है। उन्हें साल 2008 में भारतीय सेना में Lieutenant colonel के पद से भी नवाज़ा गया है।

Lieutenant colonel kapil Dev

आपको बता दें, कि कपिल देव ने अपना पहला मैच साल 1978 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। ऑलराउंडर के रूप में भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी जगह बनाने के बाद, साल 1983 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्ल्ड कप में उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में टीम की अगुवाई की। भारत को क्रिकेट में पहला वर्ल्ड कप दिलवाने के बाद, उन्होंने लोगों के दिलों में जगह बना ली थी। साल 1994 में उन्होंने क्रिकेट की दुनिया को अलविदा कह दिया।

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