जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में 5 जनवरी को हुई हिंसा मामले को लेकर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच जांच कर रही है. बता दें कि क्राइम ब्रांच की टीम ने इस मामले में छात्रों से पूछताछ करना भी शुरू कर दिया है. दिल्ली पुलिस ने इस पूरे मामले में अभी तक 46 लोगों को नोटिस भेजा है. इनमें से 36 लोग यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट ग्रुप के सदस्य शामिल हैं. इसी कड़ी में  सोशल मीडिया के वीडियोज की जांच भी की जा रही है. इन वीडियो को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने फेसबुक, गूगल और व्हाट्सएप को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

बता दें कि पूछताछ के पहले चरण में 9 छात्रों से पूछताछ की गई, जिनमें छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष भी शामिल थीं. इसी कड़ी में SIT की टीम ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस अधिकारियों के हाथ एक ऐसा वीडियो लगा है जिसमें आइशी घोष सभी जगह दिखाई दे रही हैं. बता दें कि जांच में सामने आया है कि पेरियार हॉस्टल में हुई हिंसा के समय जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष हमलावरों का नेतृत्व कर रही थीं. आइशी घोष नकाबपोशों का नेतृत्व करते हुए उनके आगे चल रही थी. अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ‘आइशी घोष ने 3 और 4 जनवरी को सर्वर रूम में तोड़फोड़ भी की की थी. सिक्योरिटी गार्ड ने जब आइशी घोष को रोकने की कोशिश की तो धक्का-मुक्का हुई. इसके बाद रजिस्ट्रेशन करा रहे चार छात्रों के साथ भी मारपीट की गई.

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एसआईटी के अधिकारियों के मुताबिक, एबीवीपी के चार छात्र रजिस्ट्रेशन कराना चाहते थे, मगर जेएनयू छात्रसंघ के पदाधिकारी करने नहीं दे रहे थे. चारों के अड़े रहने पर हमला किया गया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आइशी घोष की अगुवाई में वामपंथी ग्रुप से जुड़े छात्रों ने पेरियर हॉस्टल पर हमला किया. इसके बाद, एबीवीपी के छात्रों ने साबरमती टी प्वाइंट पर शांति मार्च कर रहे विद्यार्थियों और साबरमती हॉस्टल पर हमला भी किया. बता दें कि आइशी के अलावा वासकर विजय और पंकज मिश्रा से भी पूछताछ की गई. एसआईटी की टीम का कहना है कि आइशी पुलिस से बात नहीं कर रहीं हैं, लेकिन मीडिया के माध्यम से अपनी बात जरूर रख रहीं हैं.

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गौरतलब है कि, आरोपियों में JNU के पूर्व छात्र चुनचुन कुमार, JNUSU प्रेजिडेंट आईशी घोष, डोलन समान्ता, विकास विजय, प्रिया रंजन, सुचेता तालुकदार, पंकज मिश्रा, योगेंद्र भारद्वाज, विकास पटेल का नाम जारी करते हुए दिल्ली पुलिस ने बताया कि इन सभी लोगों के खिलाफ सबूत जुटाने में सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है. इन छात्रों में से 7 लेफ्ट जबकि 2 योगेंद्र भारद्वाज और विकास पटेल छात्र संगठन ABVP से जुड़े बताए जा रहे हैं.

 

 

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