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किसान, कारोबारी और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए मोदी सरकार ने खोला खजाना…
(फाइल फोटो)
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किसान, कारोबारी और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए मोदी सरकार ने खोला खजाना… 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। इसमे में कई अहम और ऐतिहासिक फैसले लिये गये। मोदी कैबिनेट की यह बैठक इसलिये भी खास मानी जा रही थी क्योंकि मोदी सरकार 2.0 का पहला साल पूरा हो चुका है। कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, नितिन गडकरी और नरेंद्र सिंह तोमर ने कैबिनेट में लिये गये फैसलों की जानकारी मीडिया को दी। सरकार की ओर से किसान, कारोबारी और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए बड़े ऐलान किए गए।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि एमएसएमई के लिए 50,000 करोड़ रुपए के इक्विटी निवेश को मंजूरी दी गई है, इसमें ये कंपनियां बाजार में लिस्ट होकर पैसा जुटा सकती हैं। उन्होंने कहा कि देश भर में 6 करोड़ से ज्यादा एमएसएमई हैं। जावडेकर ने बताया कि कोरोनावायरस महामारी के बाद पीएम मोदी ने इस सेक्टर की अहमियत समझते हुए एमएसएमई के लिए आवंटन का फैसला किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि रेहड़ी लगाने वालों के लिए भी क्रेडिट स्कीम को मंजूरी दी गई है। शहरी आवास मंत्रालय ने विशेष सूक्ष्म ऋण योजना शुरू की है। इसके जरिए छोटे दुकाने चलाने वाले या रेहड़ी पटरी पर दुकान लगाने वाले लोन ले सकते हैं। जावड़ेकर ने बताया कि यह योजना लंबे समय तक चलेगी, इसका फायदा 50 लाख से ज्यादा दुकानदारों को मिलेगा। इसके तहत फुटपाथ विक्रेताओं समेत रेहड़ी पटरी वालों को 10 हजार रुपये तक कर्ज दिया जाएगा।

बैठक में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य में बड़ी बढ़ोतरी की गई है, मक्का के समर्थन मूल्य में 53 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, तूअर और मूंग में 58 फीसदी का इजाफा किया गया है की बढ़ोतरी की गई है। तोमर ने कहा कि 14 फसल ऐसी हैं जिसमें किसानों को 50 से 83 फीसदी तक ज्यादा समर्थन मूल्य दिया जाएगा।

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अभी तक सरकार ने 360 लाख मिट्रिक टन गेहूं का प्रोक्योरमेंट किया है। इसी के साथ 95 लाख मिट्रिक टन धान और 16.07 लाख मिट्रिक टन दाल का प्रोक्योरमेंट किया गया है। इसी बैठक में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1868 रुपये किया गया है। गडकरी ने कहा कि एमएसएमई अभी कठिन दौर से गुजर रहा है, देश में 6 करोड़ एमएसएमई हैं जिनमें 11 करोड़ से ज्यादा लोगों को नौकरी मिली है।

नितिन गडकरी ने कहा कि एमएसएमई की मजबूती से निर्यात बढ़ेगा, 25 लाख एमएसएमई के पुनर्गठन की उम्मीद है। मजबूत एमएसएई के 15 फीसदी इक्विटी खरीदने की योजना है। कमजोर उद्योगों को उबारने के लिए 4 हजार करोड़ का फंड दिया गया है। गडकरी ने कहा कि एमएसएमई से 6 करोड़ छोटे कारोबारी जुड़े हैं, जिन्हें इस योजना से बड़ा लाभ मिलेगा, 2 लाख एमएसएमई नए फंड से फिर शुरू हो जाएंगे।

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