नया भारत वो भारत जो अब खुद के दम पर दुनिया को जितेगा. क्योंकि अब हम अपने हथियार खुद बनाना शुरु कर चुके हैं. अब हमें ना अमेरिका के दरवाजे पर हथियारो के लिए जाना पड़ेगा, ना ही रूस और इजराइल के पास. क्योंकि भारत ने अब लड़ाकू विमान बनाने की शुरुआत कर दी है. स्वदेशी तेजस विमान के बाद भारत अब एक ऐसा विमान बना रहा है जो वर्ल्ड क्लास विमान होगा.  ये है एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट दो इंजनों वाला ये विमान किसी भी मौसम में हवाई उड़ान भर पाएगा और दुश्मन को चंद मिनटों मे नेस्तनाबूत कर सकेगा. आज की तारीख में भारत की वायुसेना की शक्ति है. सुखोई-30 एमकेआई, मिराज 2000, जगुआर और तेजस जिनसे दुश्मन कांपते हैं लेकिन अब एक नया मेहमान भी भारत कि वायुसेना मे शामिल होगा.

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जो स्टेल्थ तकनीक से बना लड़ाकू विमान होगा. Hindustan Aeronautics Limited और Aeronautical Development Agency मिलकर ये विमान बना रहे हैं. ये स्टेल्थ विमान कैसे होते हैं और उनकी खासियत क्या होती है. क्यों दुनिया के सभी देश ऐसे विमान बनाने की सोचते हैं.

दरअसल, जब स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस की फ्लाइट टेस्टिंग चल रही थी, उसी दौरान भारत ने AMCA यानी Advanced Medium Combat Aircraft पर काम शुरू कर दिया था. ये स्टेल्थ विमान भी AMCA विमान है. इसकी खासियत ये होती है कि ये फाइटर प्लेन आपको दिखाई देंगे लेकिन मिलिट्री की आंख यानी राडार को नजर नहीं आएंगे. 5वीं पीढ़ी के AMCA यानी Advanced Medium Combat Aircraft पर भारत और रूस 2007 से काम कर रहे हैं. आज के वक्त में अमेरिका, रूस, चीन, जापान और भारत स्टेल्थ विमान पर काम कर रहे हैं.

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ये विमान खास कोटिंग से बना होगा जो दुश्मन के राडार की किरणों को सोख लेगा यानी composite material से बना विमान हल्का और ऐसे डिजाइन वाला होगा, जिसे 7 देशों के राडार मिलकर भी पकड़ नहीं पाएंगे. इस विमान में करीब 2000 किलोग्राम तक के हथियार रखने की जगह होगी. ये AMCA बेहतर Infra Red Search and Track प्रणाली के साथ Electro-Optical Targeting System से लैस होगा. उम्मीद है कि 2030 तक ये भारतीय वायु सेना में शामिल होने के लिए तैयार हो जाएगा यानी अभी भारतीय वायु सेना को स्वदेशी स्टेल्थ विमान मिलने में 10 साल से ज्यादा लग सकते हैं. वक्त ज्यादा लगेगा लेकिन इस तकनीक के आ जाने के बाद भारतीय वायुसेना विश्व की मजबूत सेनाओं में से एक होगी.

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