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ट्रम्प ने टाली G7 समिट, भारत को लेकर कही बड़ी बात!
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ट्रम्प ने टाली G7 समिट, भारत को लेकर कही बड़ी बात! 

आर्थिक रूप से मजबूत सात देशों के समूह G-7 को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने बड़ा बयान दिया है. एक बार फिर उन्होंने अपने बयान से ये साबित कर दिया कि वो हर मोर्चे पर भारत को आगे करना चाहते हैं. इसके पहले कि हम आपको बताएं कि ट्रंप ने क्या कहा उसके पहले आप G-7 को समझ लीजिए. जी-7 दुनिया के सात विकसित देशों का एलीट क्लब है. इस क्लब में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान, ब्रिटेन, इटली और अमेरिका शामिल हैं. इस ग्रुप में दुनिया के वो देश शामिल हैं जिनके पास दुनिया की GDP का 40 प्रतिशत है.  70 के दशक में कई देशों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था. जिसमें तेल संकट, फिक्स्ड करेंसी एक्सचेंज समेत कई दिक्कतें शामिल थी. इसलिए जी-7 को बनाया गया जिसकी पहली बैठक 1975 में हुई थी.

इसी कड़ी में जी-7 का 46वां शिखर सम्मेलन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वॉशिंगटन में 10 से 12 जून के बीच करने का प्लान था. कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के चलते इसे आखिरी जून तक बढ़ा दिया गया था. लेकिन अब अपने हालिया इंटरव्यू में ट्रंप ने G-7 को लेकर दो बड़ी बाते कहीं. ट्रंप ने कहा कि “मैं इस समिट को स्थगित कर रहा हूं क्योंकि मुझे ये नहीं लगता कि दुनिया में जो चल रहा है, उसकी ये सही नुमाइंदगी करता है. ये देशों का बहुत ही पुराना समूह हो गया है.  इसमें भारत, रूस, दक्षिण कोरिया, और ऑस्ट्रेलिया को भी होना चाहिए.’

इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि जी-7 समिट को अब जून के अंत में नहीं बल्कि सितंबर तक के टाला जा रहा है. इसके साथ ही वाइट हाउस प्रवक्ता ने नए देशों को शामिल करने को लेकर बताया कि ट्रंप अमेरिका के बाकी पारंपरिक सहयोगियों और कोरोना वायरस से प्रभावित देशों को लाना चाहते हैं. और चीन के फैलाए गए इस चीनी वायरस को लेकर चीन के भविष्य के बारे में बात करना चाहते हैं. बता दें कि जी-7 में चीन शामिल नहीं है और ट्रंप की नाराजगी से साफ जाहिर होता है कि चीन को इस समिट में अभी फिलहाल जगह मिलना नामुमकिन हैं. लेकिन ट्रंप ने अपने हालिया बयान मे नए देशो में भारत को खास अहमियत दी है.

वैसे भी ट्रंप ने अपने हालिया बयानों में कई बार ये साबित किया है कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुरीद हैं. बता दें कि हर साल जी-7 में शमिल देशों की अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और अर्थव्यवस्था को लेकर बैठक होती है. जिसमें कोई एक देश इसकी अध्यक्षता करता है. इस बार इसकी अध्यक्षता अमेरिका कर रहा है. इस सम्मेलन को आयोजन करने वाले देश अपनी तरफ से अतिथि के तौर पर किसी भी एक या दो देशों को आमंत्रित करते हैं.  पिछले साल भी पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों के आमंत्रित करने पर इस समिट में शामिल हुए थे.

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